लेड प्रदूषण से निपटकर भारत 10 लाख से अधिक लोगों की जान और जीडीपी का 9% बचा सकता है

12 सितंबर के नवीनतम लांसेट पेपर के अनुसार, 2019 में, लेड के संपर्क के कारण हृदय संबंधी बीमारियों से होने वाली वैश्विक अनुमानित वयस्क मृत्यु में से लगभग 1 मिलियन/10 लाख या 19% मृत्यु भारत में हुईं थीं। भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 154 मिलियन/15.4 करोड़ आईक्यू पॉइंट कम हो गया। भारत में लेड एक्सपोज़र की आर्थिक लागत 259 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी, जो भारत की 2019 जीडीपी के 9% के बराबर है।

लेड प्रदूषण से निपटकर भारत 10 लाख से अधिक लोगों की जान और जीडीपी का 9% बचा सकता है
लेड प्रदूषण से निपटकर भारत 10 लाख से अधिक लोगों की जान और जीडीपी का 9% बचा सकता है

 12 सितंबर 2023 को लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ ने विश्व बैंक के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में एक लेख प्रकाशित किया था, जिसमें कहा गया था कि 2019 में लेड के संपर्क में आने से वैश्विक हृदय रोग मृत्यु संख्या 5·5 मिलियन थी, जो (0·85 मिलियन) जीबीडी (ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज) 2019 के पहले के अनुमान से छह गुना अधिक है। यह PM 2·5, परिवेश और घरेलू वायु प्रदूषण से होने वाली अनुमानित वैश्विक मृत्यु की संख्या (6·45 मिलियन) के करीब है, और असुरक्षित घरेलू पेयजल, स्वच्छता और हाथ धोने से होने वाली अनुमानित वैश्विक मृत्यु की संख्या (1·66 मिलियन) से तीन गुना से भी अधिक है। शोध का अनुमान है कि दुनिया भर में, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे लेड के संपर्क में आने के कारण 765 मिलियन आईक्यू पॉइंट (इंटेलिजेंस कोशेंट) खो देते हैं। नए शोध का यह भी अनुमान है कि अर्थव्यवस्था पर लेड एक्सपोज़र का प्रभाव 6.0 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होगा, जो 2019 के वैश्विक जीडीपी (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) के 6·9% के बराबर है।

 12 सितंबर के नवीनतम लांसेट पेपर के अनुसार, 2019 में, लेड के संपर्क के कारण हृदय संबंधी बीमारियों से होने वाली वैश्विक अनुमानित वयस्क मृत्यु में से लगभग 1 मिलियन/10 लाख या 19% मृत्यु भारत में हुईं थीं। भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 154 मिलियन/15.4 करोड़ आईक्यू पॉइंट कम हो गया। भारत में लेड एक्सपोज़र की आर्थिक लागत 259 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी, जो भारत की 2019 जीडीपी के 9% के बराबर है।

 

इस प्रकाशित पेपर के जवाब में, प्योर अर्थ ने 25 देशों के सर्वेक्षण के नतीजे जारी किए, जिसमें लेड के लिए 5,000 से अधिक उत्पादों का परीक्षण किया गया, जिससे इस व्यापक लेड स्वास्थ्य जोखिम के स्रोतों की पहचान की गई। शोधकर्ताओं ने भारत के 3 राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के मार्केट से प्रोडक्ट्स को एकत्र किया। भारत में लेड से सबसे अधिक दूषित उत्पाद एल्युमीनियम के बर्तन, खिलौने, पेंट, मसाले और कोहल आईलाइनर मिले।

 सुझाए गए कोट्स -

 भारत के लेड मैन, डॉ. थुप्पिल वेंकटेश ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “लेड के संपर्क में आने से न केवल आर्थिक क्षति होती है, बल्कि यह आईक्यू को भी कम करता है और गरीबों को और भी गहरी गरीबी में धकेल देता है। यह लैंसेट पेपर दुनिया भर के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सकों, विशेष रूप से कार्डियोलॉजी के चिकित्सकों के लिए एक चेतावनी है। डेटा सुझाव देता है कि हृदय रोग का प्रबंधन करते समय लेड एक्सपोज़र के स्तर पर विचार किया जाना चाहिए और रोगियों को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करने के लिए यह चिकित्सीय उपाय आवश्यक हो सकते हैं। इसमें लेड उत्पादों के संपर्क को खत्म करना या काफी हद तक कम करना शामिल हो सकता है जो रक्त में लेड के उच्च स्तर को हम करने का उपाय बन सकते हैं।'

 द लांसेट लेख के प्राथमिक लेखक, ब्योर्न लार्सन कहते हैं की, "हमारा अध्ययन बताता है कि लेड के संपर्क में आने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव हमारे पहले अनुमान से कहीं अधिक हैं और खासकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में इसकी बहुत ज्यादा आर्थिक कीमत चुकानी पड़ती हैं....नतीजतन, उस बोझ को दूर करने के लिए ब्लड लेड लेवल मेजरमेंट, लेड एक्सपोज़र पहचान, अनुसंधान और नीतियों की बेहतर गुणवत्ता की तत्काल आवश्यकता है।

 प्योर अर्थ इंडिया की कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर लावण्या नांबियार कहती हैं,"यदि इस लैंसेट पेपर में रिपोर्ट किए गए हाई ब्लड लेड लेवल, संबंधित आईक्यू हानि, और समग्र मृत्यु दर सच है, तो लेड एक्सपोज़र के इन उच्च स्तर को केवल बैटरी रीसाइक्लिंग के औद्योगिक स्रोतों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, जैसा कि पहले माना गया था। प्योर अर्थ के 25-देशों के सर्वेक्षण में पाया गया कि रोजमर्रा की घरेलू वस्तुएं, उपभोक्ता उत्पाद और दूषित भोजन सभी उच्च स्तर की लेड विषाक्तता में योगदान करते हैं। लेड प्रदूषण को हल करने और जीवन बचाने के लिए हमें अपने कुकवेयर, खिलौने, पेंट, खाद्य पदार्थ, मसालों और अन्य उत्पादों में लेड कंटामिनेशन की निगरानी करने और उसे रोकने की जरूरत है जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। शुक्र है, व्यावहारिक समाधान उपलब्ध हैं जिनमें ब्लड लेड परीक्षण के माध्यम से लेड की व्यापकता की निगरानी करना, जोखिम स्रोतों का विश्लेषण करना और लेड एक्सपोज़र को कम करने के लिए पहचाने गए प्रमुख स्रोतों को संबोधित करना और महत्वपूर्ण नीतियों को लागू करने के लिए हितधारकों की क्षमता विकसित करना शामिल है।

 वर्तमान में, लेड प्रदूषण हल पर अग्रिम खर्च बहुत कम है - लगभग 10 मिलियन डॉलर। एचआईवी लगभग 10 बिलियन डॉलर और मलेरिया 2 बिलियन डॉलर से अधिक।इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अधिक निवेश की आवश्यकता है।

 प्योर अर्थ के एडवोकेसी एंड कम्युनिकेशंस के निदेशक संदीप दहिया ने कहा, “लेड के संपर्क, इसके प्रभाव और प्रदूषण के ज्ञात समाधानों की यह विस्तारित समझ कार्रवाई का एक स्पष्ट आह्वान है। हमारा विश्लेषण बताता है कि सभी प्रकार के लेड मिटिगेशन इंटरवेंशन/समाधान अत्यधिक प्रभावी एवं लाभकारी हैं और इनका रिटर्न बहुत अच्छा है। स्पाइस/मसाला मिटिगेशन पर खर्च किए गए प्रत्येक डॉलर के लिए, लाभ 20,000 डॉलर से अधिक रिटर्न है, जो निवेश पर एक उल्लेखनीय रिटर्न है। इसी तरह, लेड पेंट विनियमन से 1200 डॉलर का रिटर्न दिखाहै। दुनिया भर में दाता समुदाय और सरकारों को लेड विषाक्तता की जाँच करने और ऐसे समाधानों में निवेश करने की आवश्यकता है जो इसके प्रभाव के पैमाने के साथ अधिक संरेखित हों। इसके अलावा, शिक्षा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, हृदय रोग और स्ट्रोक में निवेश करने वाली सरकारों और विकास एजेंसियों को इस बात पर विचार करने की आवश्यकता है कि ये निवेश लेड के संपर्क से होने वाले नुकसान को कैसे कम प्रभावी हो रहे हैं।

 परिशिष्ट:

वैश्विक आँकड़े

  •  विश्व बैंक द्वारा किए गए और आज द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित नए शोध से पता चलता है कि लेड के संपर्क में आने से 2019 में दुनिया भर में हृदय रोग से 5.5 मिलियन वयस्कों की मृत्यु हुई और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 765 मिलियन आईक्यू अंकों का संचयी नुकसान हुआ।
  • 95% तक प्रभाव निम्न और मध्यम आय वाले देशों (एलएमआईसी) में थे।
  • 2019 में लेड एक्सपोज़र की वैश्विक आर्थिक लागत 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर थी, जो वैश्विक जीडीपी के 6.9% के बराबर है। एलएमआईसी में, ये लागत जीडीपी के 10% से अधिक थी।
  • प्योर अर्थ ने 25-देशों के सर्वेक्षण के नतीजे जारी किए, जिसमें इस सर्वव्यापी स्वास्थ्य खतरे के स्रोत की पहचान करने के लिए 5,000 से अधिक उत्पादों का लेड परीक्षण किया गया।

 

  • शोधकर्ताओं ने आर्मेनिया, अजरबैजान, बांग्लादेश, बोलीविया, कोलंबिया, मिस्र, जॉर्जिया, घाना, भारत के महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश राज्य, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, केन्या, किर्गिस्तान, मैक्सिको, नेपाल, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पेरू, फिलीपींस, ताजिकिस्तान, तंजानिया, ट्यूनीशिया, तुर्की, युगांडा और वियतनाम सहित 25 देशों के 70 बाजारों से उत्पाद एकत्र किए। ।
  • देश भर में लेड से सबसे अधिक दूषित उत्पाद एल्यूमीनियम के बर्तन, खिलौने, पेंट, मसाले और कोहल आईलाइनर हैं।
  • प्रमाणित समाधानों में निवेश तेजी से बढ़ना चाहिए; ब्लड लेड लेवल की निगरानी और लेड के संपर्क के स्रोतों की पहचान करने के लिए अनुसंधान पहला कदम है। एक्सपोज़र को कम करने के लिए प्रोग्राम डिज़ाइन और कार्यान्वित किए जा सकते हैं।

भारत के आँकड़े

  •  विश्व बैंक द्वारा किए गए और आज द लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित नए शोध से पता चलता है कि भारत में लेड के संपर्क में आने से 2019 में हृदय रोग से 1 मिलियन/10 लाख वयस्कों की मृत्यु हुई और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 154 मिलियन/15.4 करोड़ आईक्यू पॉइंट्स का संयुक्त नुकसान हुआ।
  • अनुमानित मृत्यु में से लगभग 19% मृत्यु अकेले भारत में हुईं।
  • वैश्विक स्तर पर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आईक्यू प्वाइंट के कुल अनुमानित नुकसान में भारत का योगदान 20% तक है।
  • अकेले भारत में लेड एक्सपोज़र की आर्थिक लागत 2019 में 259 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी, जो भारत के जीडीपी के 9% के बराबर है।
  • प्योर अर्थ ने 25-देशों के सर्वेक्षण के नतीजे जारी किए, जिसमें इस सर्वव्यापी स्वास्थ्य खतरे के स्रोत की पहचान करने के लिए 5,000 से अधिक उत्पादों का लेड परीक्षण किया गया।
  • भारत से, शोधकर्ताओं ने 3 राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के बाजारों से उत्पाद एकत्र किए।
  • भारत के 3 अध्ययन राज्यों में लेड से सबसे अधिक दूषित उत्पाद एल्यूमीनियम के बर्तन, खिलौने, पेंट, मसाले और कोहल आईलाइनर हैं।
  • प्रमाणित समाधानों में निवेश तेज़ी से बढ़ना चाहिए; ब्लड लेड लेवल की निगरानी और लेड के संपर्क के स्रोतों की पहचान करने के लिए अनुसंधान पहला कदम है। एक्सपोज़र को कम करने के लिए प्रोग्राम डिज़ाइन और कार्यान्वित किए जा सकते हैं।

 लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ शोध परिणामों को समझना

"वैश्विक स्वास्थ्य बोझ और बच्चों और वयस्कों में लेड एक्सपोज़र की लागत: एक स्वास्थ्य प्रभाव और आर्थिक मॉडलिंग विश्लेषण", लार्सन और सांचेज़-ट्रायाना।

 

नया शोध

पिछले अनुमान

नोट

लेड के संपर्क से वयस्कों में 5.5 मिलियन हृदय संबंधी मृत्यु; इनमें से 90% मृत्यु एलएमआईसी में हुईं

आईएचएमई के जीबीडी 2019 से 900,000 की वृद्धि

नये अनुमानों में लेड के संपर्क में आने से होने वाली सभी प्रकार की हृदय बीमारियों से होने वाली मृत्यु शामिल हैं।

 

पिछले अनुमानों में केवल लेड-मेडीएटेड हाई ब्लड प्रेशर से होने वाली मृत्यु शामिल थीं।

लेड के संपर्क में आने के कारण एलएमआईसी में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 750 मिलियन आईक्यू पॉइंट्स खो दिए

जीबीडी 2019 में पिछले अनुमानों से 80% अधिक है जिसमें बच्चों के एक छोटे उपसमूह में केवल विकासात्मक बौद्धिक विकलांगता शामिल है।

नए अनुमानों में एलएमआईसी में लेड एक्सपोज़र से आईक्यू हानि शामिल है। लेड के संपर्क में आने से ये बच्चे औसतन लगभग 6 आईक्यू पॉइंट खो देते हैं;

जीवनभर की कमाई में 12% तक की कमी;

आईक्यू का 95% नुकसान एलएमआईसी में होता है।

2019 में संयुक्त वैश्विक आर्थिक लागत 6 ट्रिलियन यूएस डॉलर था।

 

वैश्विक जीडीपी के 6.9% के बराबर।

 

एलएमआईसी में, यह लागत जीडीपी के 10% से अधिक है।

 

तुलनात्मक रूप से, विश्व बैंक का अनुमान है कि PM2.5 परिवेश और घरेलू वायु प्रदूषण की संयुक्त लागत 2019 में वैश्विक जीडीपी का 6.1% थी।

इन लागतों को एकत्रित करने के बाद पहली बार यह अध्ययन हुआ है।

 

तीन चौथाई से अधिक आर्थिक लागत (77%) हृदय रोग से होने वाली मृत्यु और समय से पहले मृत्यु से संबंधित आय हानि से जुड़ी थी;

 

लगभग एक चौथाई (23%) आईक्यू हानि के कारण भविष्य में आय कम होने की भविष्यवाणी के कारण हुआ।